हस्तमैथुन की लत कैसे छोड़ें 15 तरीके

हस्तमैथुन की लत कैसे छोड़ें 15 तरीके Hastmaithun Masturbation Ki Lat Kaise Chhode

Hastmaithun Masturbation Ki Lat Kaise Chhode

इस आर्टिकल में आप जानेंगे की हस्तमैथुन को कैसे छोड़े (hastmaithun kaise chhode) तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े और अगर आप इस लत से बाहर निकलना चाहते है तो इसमें बताये गये टिप्स को जरुर फॉलो करे ताकि आपको इसका लाभ मिल सके.

वास्तव में ग़लत बात ग़लत ही होती है फिर चाहे उसकी लत लगी हो या नहीं, हाँ उसे जितना करेंगे उस अनुपात में नुकसान भी ज़्यादा उठाना पड़ेगा पर उठाना अवश्य पड़ेगा। हस्तमैथुन के विषय में पहले भी लेख लिखे जा चुके हैं, इस बार हस्तैथुन को छोड़ने के तरीकों पर अधिक ज़ोर डालते हैं। हस्तमैथुन को तुरंत छोड़ा जा सकता है बस काम विचारों को मन से मिटायें और कामोत्तेजक हो सकने वाली समस्त क्रियाओं व घटनाओं से दूर रहें, जैसे कि –

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Masturbation

1. पोर्न देखना (Porn dekhna)

इसके दुष्प्रभावों व मुक्ति के उपायों का आलेख पहले ही लिखा जा चुका है, अपने मोबाइल में या तो data pack न डलवायें व सभी Online मैसेन्जर्स को हमेशा के लिये अनइन्स्टाल कर दें तथा बिना तार्किंक कारण के कुछ भी सर्च सर्फ़ न करें.

सच में कोई धर्मसंगत आवश्यकता पड़ने पर दूसरे के Data का उपयोग करें अथवा सिम्पल फ़िएचर फ़ोन का प्रयोग करें तथा घर में डेस्कटाप हाल में रखें व उसकी स्क्रीन की दिशा सबके सामने हो ताकि आप चाहकर भी कुछ ग़लत देख न पायें, न ही चैटिंग में पड़ें, लॅपटाप का प्रयोग भी दूसरों के सामने करें।

2. फ़िल्म-धारावाहिक देखना (web series dekhna)

आपको ये कामोत्तेजक लगें या न लगें, आप इनका ऐसा प्रभाव मानें या न मानें वास्तव में इनमें लड़का-लड़की के सम्बन्धों को दर्शाने का तरीका ही इतना भ्रष्ट होता है कि अनजाने में भी दर्शक के मन में कामभाव भरने लगता है एवं अवतेचन में यह सब संचित हो जाता है।

इन सब से दूर रहें, नालेज चैनल, डाक्यूमेण्टरी, डीडी न्यूज़ व नेशनल, धार्मिक धारावाहिक व चैनल देखें। अपनी शिक्षा व जीविका से जुड़े विषय देखें जो आपके वर्तमान व भविष्य में उपयोगी रहेंगे।

3. यौनाकर्षण होना (female attraction hona)

यौनाकर्षण को स्वाभाविक अथवा कोई आवश्यकता समझने की भूल न करें, यह एक ऐसी इच्छा है तो ‘होती नहीं’, ‘ जानबूझकर की जाती है, यदि व्यक्ति इस दिशा में नहीं सोचेगा तो इससे मुक्त ही रहेगा। हस्तमैथुन-समर्थकों की बातों में न आयें। आपका हित, आपका चरित्र आपके हाथों में है।

4. पेनिस को दबाव से बचायें (don’ t play with penic)

अपनी एक जाँघ को दूसरी जाँघ पर रखने, मोबाइल पर्स को पैण्ट के जेब में रखने, दुपहिया में पीछे बैठते समय आगे वाले से सटकर बैठने, दुपहिया का अगला हिस्सा ऊँचा होने, घर अथवा बाहर गोद में बस्ता, तकिया अथवा कुछ रखकर बैठने, पेट के बल सोने, जीन्स पैण्ट प्रयोग करने, नहाते अथवा मूत्रोत्सर्ग के समय अनावश्यक रूप से गुप्तांग को पकड़ने इत्यादि जैसी आदतों पर आजीवन स्थायी विराम लगायें ताकि उस पर कोई दबाव पड़ने से उसके उत्तेजित होने की आषंका न रहे।

5. मानसिक शुद्धिकरण करे

मंदिर में जाकर प्रभु के सामने एक कागज़ पर हस्तमैथुन व अन्य बुराई लिखकर उसे जलाते हुए हृदय में संकल्प धारण करें कि मैं अपनी बुराइयों को भस्म कर रहा हूँ, अब वे मेरे पास कभी वापस नहीं लौट सकेंगीं।

6. कुसंगत से दूरी बनाये

तथाकथित ‘लड़कीबाज़ी’ जैसी बातें करने, ”तू एडल्ट है“ ऐसा जताने वालों से न मिलें, वे आपको जबरन काम वासना के बेकार जाल में फाँसने को तैयार रहेंगे। जानकारी की चाह तो कभी कुतूहल की आड़ में कामविषयक बातों को सुनने-देखने के बहाने न ढूँढें। न ही अपने अथवा अन्य स्त्री-पुरुषों के शारीरिक सौन्दर्य का विचार करें।

7. नारी शरीर के रूप-वर्णन के बजाय ऐसी पुस्तकें पढ़ें जहाँ इन सब नश्वरताओं का सच्चा बोध कराने का प्रयास किया गया है, जैसे कि वैराग्य शतक, 8 से अधिक गीताओं का गीता-संग्रह (गीताप्रेस, गोरखपुर से प्रकाशित) इत्यादि।

8. मन को अच्छी, सच्ची, सार्थक व सकारात्मक गतिविधियों में लगायें, जैसे कि मंत्रलेखन, वृक्षारोपण, पशु-पक्षियों की सेवा, किसी पशु को पाल लें तो सोने पे सुहागा।

9. हस्तमैथुन हो या पोर्न ग़लत व कई सन्दर्भों में बहुत हानिप्रद तो दोनों हैं :

एक साथ भी व अलग-अलग भी, वैसे तो एक बार छोड़ने का निर्णय करके दोबारा उस नर्क में जाना नहीं है परन्तु यदि लत वश चले भी गये तो गैस-लाइटर से अथवा टार्च के सेल से स्वयं को चिन्गारी बिलकुल धीमे करेण्ट का झटका देने जैसे आत्मदण्ड अपनाये जा सकते हैं. ग़लती दोहराई तो वह और बड़ा पाप होगी इसलिये सज़ा में और कठोरता लायें।

10. जो उपाय आप पर लागू हो उसे अपना सकते हैं, जैसे कि रात को अतिरिक्त कपड़े पहन लें ताकि हाथ से पेनिस को बाहर निकालना आसान न हो अथवा नीचे के कपड़े यदि कस रहे हों तो कपड़े पकड़कर उन्हें ढीले कर दें, यदि फिर भी मन हो तो कहीं घूमने चले जायें, घर में किसी से बात करें, इष्टदेव का नामोच्चारण करें।

स्वयं का हाथ एकदम हल्का-सा जल जाने तक जलती दियासलाई थामने अथवा शरीर में हल्की-सी सुई चुभोने अथवा शिष्नमुख पर अल्पमात्रा में नमक छिड़ककर भी ध्यान को व्यर्थ की कामुकता से हटाया जा सकता है।

11. रचनात्मक थकान ज़रूरी :

खाली दिमाग शैतान का घर एवं नरम गद्दा मिल जाये तो भीतर का शैतान जाग उठने का जोख़िम और भी बढ़ जाता है, इसलिये खरपतवार उखाड़ने, बच्चों को पढ़ाने, झाड़ू-पौंछा, बर्तन-कपड़े धोने इत्यादि में मन व तन को लगाये रखें।

12. माँसाहार, मद्य व अन्य प्रकार के मादक द्रव्यों व क्रियाओं का पूर्ण त्याग करें।

13. यदि कामविषयक कोई विज्ञापन अथवा घटना अनजाने में सामने आ ही गयी हो तो तुरंत वहाँ से हटते हुए कागज़ पर ‘ऊँ मदनान्तकाय नमः’ अथवा ‘ऊँ कामारये नमः’ काफ़ी संख्या में लिखें. मदन अर्थात् काम का अन्त करने वाले शिव, काम के अरि (शत्रु) शिव का स्मरण करें।

14. Porn देखने अथवा हस्तमैथुन अथवा अन्य कुछ भी अनुचित करने का मन करे तो स्वयं से प्रश्न करें कि क्या इसे मेरे माता-पिता करते तो मुझे अच्छा लगता ? क्या भगवान मेरे इस कृत्य या विचार से प्रसन्न होंगे ? क्या मैं सबके अथवा अपनों के सामने इसे कर सकता हूँ ?

15. चरित्र-शपथ :

यह शपथ ज्यों की त्यों दोहराकर हस्ताक्षर सहित अपने पास रख लें एवं चाहें तो इसकी छायाप्रतियाँ अपने अच्छे घनिष्टों को भी सौंप सकते हैं. ” मैं ईश्वर, धर्मग्रंथों व अपने परिजनों की शपथ लेता हूँ कि पोर्न, हस्तमैथुन इत्यादि हर ग़लत विचार से आजीवन दूर रहूँगा “।

इन्हें भी पढ़े –

1. हस्तमैथुन से होने वाले नुकसान

2. सेक्स की लत के नुकसान

एक विनती – दोस्तों, आपको यह आर्टिकल हस्तमैथुन की लत कैसे छोड़ें ! 15 तरीके, Hastmaithun Ki Lat Ko Kaise Chhode, Masturbation Problems In Hindi (Hastmaithun Masturbation Ki Lat Kaise Chhode) कैसे लगा.. हमें कमेंट जरुर करे. इस अपने दोस्तों के साथ भी शेयर जरुर करे.

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