सीने में दर्द के लक्षण कारण जाँचें व उपचार

सीने में दर्द के कारण जाँचें व उपचार Chest Pain Symptoms Causes Treatment in Hindi

Chest Pain Symptoms Causes Treatment in Hindi

सीने में दर्द को परिभाषित करना उतना सरल नहीं, विभिन्न व्यक्तियों व स्थितियों में इसका स्वरूप भिन्न-भिन्न हो सकता है. सीने का दर्द तीव्रता, अवधि व स्थान के अनुरूप अलग-अलग हो सकता है। सीने के दर्द में तीखा दर्द, चुभन अथवा हल्का-सा कष्ट हो सकता है। यह गम्भीर हृदय-सम्बन्धी समस्या का एक संकेत भी हो सकता है किन्तु सीने में दर्द को हृदयाघात् का ही लक्षण न मानें।

अनेक अन्य प्राणघातक स्थितियों का पूर्वसंकेत भी यह हो सकता है। स्थिति अनुसार हृदयरोग विशेषज्ञ से मिलना आवश्यक हो सकता है परन्तु अधिकांश मामलों में सीने का दर्द पेट सम्बन्धी समस्याओं का संकेत होता है जिनके लिये पेट व आँतरोग विशेषज्ञ के पास जाना होता है। यहाँ प्रदर्शित लक्षणों व प्रभावों के आधार पर स्वयं न तो किसी निष्कर्ष पर पहुँचें, न ही बिना विशेषज्ञीय चिकित्सक के स्वयं कोई औषधि सेवन करें।

सीने के दर्द के हृदयसम्बन्धी कारण

*. हृदयाघात् – हृदय में रक्तप्रवाह का अवरोध
*. एंजाइना – हृदय में जाने वाली रक्त-वाहिकाओं में अवरोध
*. पेरिकार्डाइटिस – हृदय के चारों ओर के कोष (थैले) में सूजन
*. मायोकार्डाइटिस – हृदय-पेशी की सूजन
*. कार्डियोमायोपॅथी – हृदय-पेशी का एक रोग जिसमें शरीर में रक्त पम्प करने में हृदय की क्षमता क्षीण हो जाती है
*. एआर्टिक डिस्सेक्षन- महाधमनी (हृदय से आ रही विषाल रक्त-वाहिनी) में टूट-फूट

Chest Pain Symptoms Causes Treatment in Hindi

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हृदय-सम्बन्धी कारणों से सीने में दर्द होने के लक्षण

हृदय की समस्या का मुख्य लक्षण सीने में दर्द होता है परन्तु ऐसा होना सदा आवश्यक नहीं, कुछ व्यक्तियों में सीने के दर्द के बिना भी हृदय समस्या हो सकती है, जैसे कि स्त्रियों में ऐसे असामान्य लक्षण दिखे हैं जो बाद में हृदय-समस्या के चिह्न के रूप में पहचाने गये।

समग्रता में हृदय-सम्बन्धी कारणों से सीने में दर्द होने के लक्षण ये हो सकते हैं. सीने में दर्द अथवा कसावट, पीठ, जबड़े अथवा बाहु में दर्द, थकावट, सिर चक्कराना अथवा भारीपन, साँस अपर्याप्त लगना, पेटदर्द, मितली, शारीरिक परिश्रम अधिक करने से दर्द।

हृदय असम्बन्धित कारणों से सीने के दर्द के लक्षण –

मुख में खट्टा अथवा अम्लीय स्वाद आना, निगलने अथवा खाने के बाद ही होने वाला दर्द, निगलने में कठिनाई, शारीरिक मुद्रा के अनुसार ठीक होने व बिगड़ जाने वाला दर्द, गहरी साँस लेते अथवा खाँसते समय बिगड़ जाने वाला दर्द, चकत्तों के साथ होने वाला दर्द, बुखार, बदन में दर्द, ठण्ड लगना, बहती नाक, खाँसी, चिंता (एन्ज़ायटी) की अनुभूतियाँ, अतिवातायनता (हाइपरवेण्टिलेटिंग), पीठ का दर्द जो सीने के आगे तक फैल जाता हो।

सीने में दर्द के जठरान्त्रीय कारण

एसिड रिफ़्लक्स अथवा हार्टबर्न, निगलने में समस्याएँ जो ग्रासनली के विकारों से सम्बन्धित हों, पित्ताश्मरी (गाल-स्टोन्स), पित्ताशय अथवा अग्न्याशय में सूजन।

सीने के दर्द के फेफड़े सम्बन्धी कारण – प्न्यूमोनिया, विषाण्विक ब्रोंकाइटिस, प्न्यूमोथ्रेक्स (इसे कालेप्स्ड लंग भी कहा जाता है जिसमें फेफड़ों व चेस्ट वाल के बीच से वायु रिसने लगती है), प्ल्युरिसी (फेफड़ों को घेरकर रखने वाली झिल्ली में सूजन जो खाँसने अथवा साँस लेते समय बिगड़ सकती है), रक्तस्कन्द (ख़ून का थक्का) अथवा पल्मोनरी एम्बोलस, ब्रोंकोस्पेज़्म (यह स्थिति अस्थमा व क्रोनिक आब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस जैसे सम्बन्धित विकारों में आती है)।

सीने के दर्द के पेशी अथवा अस्थि सम्बन्धी कारण – चोटिल अथवा टूटी पसलियाँ, अकस्मात अतिश्रम अथवा क्रानिक पैन सिण्ड्राम से ज़ख़्मी पेषियाँ, कम्प्रेशन फ्ऱेक्चर्स जिनसे तन्त्रिका (नर्व) पर दबाव पड़ रहा हो।

अन्य कारण – हर्पीज़ ज़ोस्टर अर्थात् षिंगॅल्स से भी सीने में दर्द हो सकता है। पीठ दर्द से भी सीने में दर्द आ सकता है तथा पेनिक अटैक से भी सीने में दर्द हो सकता है।

सीने के दर्द की जाँचें

सीने में दर्द यदि अचानक हुआ हो या फिर नये अथवा अस्पष्ट प्रकार का लगे अथवा कुछ पलों से अधिक समय तक रहा हो तो चिकित्सक से मिलना आवश्यक हो सकता है। सीने के दर्द का कारण यदि हृदय सम्बन्धी कोई समस्या हो तो सीने में दर्द को हृदय सम्बन्धी समस्या के संकेत के रूप में जाँचना आवश्यक हो जायेगा.

*. इलेक्ट्रोकार्डियोग्रॅम (ईसीजी अथवा ईकेजी) – हृदय की वैद्युत् क्रियाशीलता की मापन
*. इकोकार्डियोग्रॅम – हृदय की मूविंग इमेजेज़ को रिकार्ड करने के लिये ध्वनि-तरंगों का प्रयोग
*. एंजियोग्रॅम – विशिष्ट धमनियों में अवरोधों को देखना
*. रुधिर-परीक्षण – विकरों(एन्ज़ाइम्स) के स्तरों का मापन
*. छाती का एक्स-रे – हृदय, फेफड़ों एवं रुधिर-वाहिकाओं को परखने के लिये
*. एमआरआई – हृदय अथवा महाधमनी को हुई क्षति को जाँचना
*. स्ट्रेस टेस्ट्स – अतिशारीरिक श्रम के बाद हृदय के कार्य को परखना

सीने में दर्द का उपचार

सीने के दर्द के मूल कारण को समझते हुए चिकित्सक द्वारा उपचार आरम्भ किया जाता है, जैसे..

*. सीने के दर्द के हृदयसम्बन्धी कारणों के मामलों में आंशिक रूप से बन्द धमनियों को खोलने अथवा थक्का मिटाने अथवा ख़ून पतला करने की औषधियों का सेवन कराया जा सकता है।
*. कार्डियक कॅथेटेराइज़ेषन : इसमें अवरुद्ध धमनियों को खोलने के लिये बैलून्स अथवा स्टेण्ट्स का प्रयोग किया जाता है।
*. धमनियों का शल्यक सुधार अथवा कोरोनरी आर्टरी बाएपास ग्राफ़्टिंग अथवा बायपास सर्जरी

सीने के दर्द के अन्य कारणों के उपचार के लिये

*. कोलेप्स्ड फेफड़े के मामले में लंग री-इन्फ़्लेशन जिसमें चिकित्सक द्वारा Chest Tube अथवा अन्य सम्बन्धित Device प्रवेश कराया जाता है।
*. एसिड रिफ़्लक्स एवं हार्टबर्न के लिये एण्टऐसिड्स अथवा कुछ कार्यविधियाँ जिनमें लक्षणों से राहत दिलाने का प्रयास किया जाता है।
*. एंटिएन्ज़ायटी औषधियाँ – इनसे Panic Attack से सम्बन्धित सीने में दर्द का उपचार किया जाता है।

सीने में दर्द के घरेलु नुस्खे

विधिवत् चिकित्सात्मक जाँचों एवं विशेषज्ञीय उपचार के साथ (न कि अलग से) निम्नांकित घरेलु उपाय आज़माये जा सकते हैं.
*. लहसुन की कलियों का सेवन बढ़ायें, दाल, सब्जियों में।
*. अदरख अधिक सेवन करें, चाय, सब्जी व दालों में।
*. हल्दी-दूध
*. अनार
*. तुलसी

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