बुढ़ापे में अक्सर पेशाब के लिए होम्योपैथिक दवा

बुढ़ापे में अक्सर पेशाब के लिए होम्योपैथिक दवा Budhape Me Peshab ka aana

बुढ़ापे में अक्सर पेशाब के लिए होम्योपैथिक दवा, Budhape Me Peshab ka aana,यूरिन लीकेज ट्रीटमेंट इन हिंदी,old age me peshab aane par dava
Budhape Me Peshab ka aana

बुढ़ापे में अक्सर अधिक पेशाब की समस्या देखने को मिलती है। इसके कई कारण होते है, जैसे – डायबिटीज, मूत्रवर्धक दवा, मूत्राशय का कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, मूत्र पथ संक्रमण, इंटरस्टेशल सिस्टाईट्स, प्रेगनेंसी, किडनी इंफेक्शन, अधिक शराब और हाई ब्लज प्रेशर इत्यादि।

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको मिठाई, केक, कुकीज और कार्बोनेटेउ डिंक से परहेज करने होगी। इसके अलावा कॉफी, असंतुलित भोजन और मसालेदार खाने पर रोक लगानी होगी।

इंकॉन्टिनेंस बीमारी में आप दही, आवला, सेब, केला, मेथी के बीज, अनार का जूस और पालक आदि से घरेलू उपचार कर सकते है और इसके अलावा कुछ होम्योपेथिक इलाज भी कर सकते है,

जैसे – नक्स वोमिका (सामान्य नाम: पॉइजन-नट)

यह मुख्य रूप से पतले, चिड़चिड़े, एक्टिव और नर्वस लोगों के लिए उपयोगी है। यह मूत्राशय में जलन को कम करता है, जिससे पेशाब पर नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

इसके अलावा यह पेशाब में खून आना, मूत्राशय स्फिंक्टर में ऐंठन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब आने के साथ ऐठन और मूत्राशय में खुजली व दर्द आदि के लिए भी उपयोगी है।

कॉस्टिकम (सा. नाम हैनिमैन टिंक्चुरा एक्रिस साइन कैली)

यह दवा चेहरे पर मस्से और मांसपेशियों में दर्द व जलन वाले (अस्वस्थ) व्यक्तियों के लिए ज्यादा उपयोगी है। कॉस्टिकम धीरे पेशाब आने, पेशाब न महसूस होना और खांसने व छींकने मात्र से ही पेशाबी निकलना आदि से निजात दिलाता है।

बेंजॉइकम एसिडम (सा. नाम बेंजॉइक एसिड)

यह मूत्र असंयमिता को नियंत्रित करनी की अच्छी होम्योपैथिक दवा है, जो रिनल इंसफिशिएंसी और हाई यूरिक एसिड का इलाज करती है। इससे हम पेशाब बदबू, मूत्राशय सूजन, अनैच्छिक पैशाब आना, भूरे रंग का पेशाब, अधिक यूरिक एसिड युक्त पेशाब आदि से सम्बन्धी समस्या को हल कर सकते है।

पल्सेटिला प्रेटेंसिस (सां. नाम विंड प्लावर)

यह दवा पेशाब करने की तीव्र इच्छा को कम करता है और साथ ही यह ऐठन, दर्द और मुत्रमार्ग पर जलन का इलाज करती है।

नोट : उपरोक्त होम्योपैथिक दवाएं अधिक पेशाब आने की समस्या को रोकने के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा फेरम फास्फोरिकम, यूपेटोरियम पर्प्यूरियम, थायरायडिनम और बेलाडोना भी अच्छी होम्योपैथिक दवा है।

बुढ़ापें में कई कारणों से अनियमित पेशाब की समस्या आती है। इसके इलाज के लिए आप उपरोक्त मे से किसी भी दवा का उपयोग डॉक्टर की सलाह से कर सकते है।

Note : यह जानकारी यहाँ पर सिर्फ एजुकेशनल पर्पस के लिए दी गयी है. इसलिए कोई भी दवा इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरुर ले.

बार – बार पेशाब क्यों आता है इस बारे में जानने के लिए यह आर्टिकल पढ़े : बार – बार पेशाब आने के कारण और उपचार 

तो ये थी हमारी पोस्ट बुढ़ापे में अक्सर पेशाब के लिए होम्योपैथिक दवा – Budhape Me Peshab ka aana. आशा करते हैं की आपको पोस्ट पसंद आई होगी. Thanks For Giving Your Valuable Time.

हमसे जुड़े Facebook पर.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *